Posts

Showing posts from May, 2025

इतिहास

  अदम गोंडवी की एक ग़ज़ल के साथ.... हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये अपनी कुर्सी के लिए जज़्बात को मत छेड़िये हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है दफ़्न है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िये ग़र ग़लतियाँ बाबर की थीं; जुम्मन का घर फिर क्यों जले ऐसे नाज़ुक वक़्त में हालात को मत छेड़िये हैं कहाँ हिटलर, हलाकू, ज़ार या चंगेज़ ख़ाँ मिट गये सब, क़ौम की औक़ात को मत छेड़िये छेड़िये इक जंग, मिल-जुल कर ग़रीबी के ख़िलाफ़ दोस्त, मेरे मज़हबी नग़्मात को मत छेड़िये! 1 राजा भारमल (आमेर के शासक) ने सबसे पहले अकबर से संधि की और अपनी पुत्री जोधा बाई (मरियम-उज़-ज़मानी) का विवाह अकबर से किया। उनके पुत्र मान सिंह मुग़ल साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली सेनापति बने और "नवरत्नों" में से एक माने गए। यह गठबंधन बहुत लंबे समय तक कायम रहा और आमेर के राजपूत मुगलों के सबसे वफादार सहयोगी बन गए। 2. बूँदी और कोटा के हाड़ा राजपूत: हाड़ा राजपूतों ने भी अकबर और जहाँगीर दोनों के अधीन रहकर कई युद्धों में भाग लिया। बूँदी के राव सूरजन हाड़ा और उनके वंशजों ने मुगलों से अच्छी नजदीकी बनाए रखी। 3. जसवंत सिंह (मारवाड़ के रा...